बेंगलुरु / नई दिल्ली: भारत के रक्षा, ऊर्जा और खनन क्षेत्रों में स्वदेशीकरण (Indigenisation), उन्नत सैन्य तकनीक और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर अभूतपूर्व परिवर्तन देखा जा रहा है।
1. रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भरता
सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख रक्षा विमानन कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (LCH) 'प्रचंड' के बड़े पैमाने पर उत्पादन हेतु अदानी डिफेंस और बीईएमएल के साथ रणनीतिक आपूर्ति कंसोर्टियम का विस्तार किया है। इससे भारतीय सेना और वायुसेना को लड़ाकू हेलीकॉप्टरों की समय पर डिलीवरी सुनिश्चित होगी।
2. प्रमुख सामरिक उपलब्धियां एवं प्रोजेक्ट्स
- कोल इंडिया का निकासी रिकॉर्ड: कोल इंडिया की सहायक कंपनियों (BCCL, CCL, MCL) ने मानसून के दौरान भी देश के ताप विद्युत संयंत्रों में 320 से अधिक दैनिक रेल रैक भेजकर कोयले का सुरक्षित बफर स्टॉक बनाए रखा।
- डीआरडीओ की नई मिसाइल प्रणाली: रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ने एकीकृत परीक्षण रेंज (ITR) चांदीपुर से नेक्स्ट जेनरेशन एयर डिफेंस मिसाइल का सफल उड़ान परीक्षण किया।
- मझगांव डॉक (MDL) का युद्धपोत निर्माण: 75% स्वदेशी सामग्री से युक्त प्रोजेक्ट-17ए स्टेल्थ फ्रिगेट युद्धपोत की नींव रखकर नौसेना की समुद्री सुरक्षा क्षमता को सुदृढ़ किया गया।
- परमाणु ऊर्जा का विस्तार: एनपीसीआईएल के नेतृत्व में 10 नए स्वदेशी 700 मेगावाट दबावयुक्त भारी जल रिएक्टरों (PHWR) के निर्माण को तेज गति से आगे बढ़ाया जा रहा है।
- सेल का विशेष रक्षा स्टील: भिलाई एवं बोकारो इस्पात संयंत्रों ने भारतीय युद्धपोतों और पनडुब्बियों के लिए आयात मुक्त डीएमआर-ग्रेड विशेष बख्तरबंद स्टील की आपूर्ति शुरू की।
3. ऊर्जा सुरक्षा एवं स्वच्छ भविष्य
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) और एनटीपीसी ने ग्रीन हाइड्रोजन आधारित फ्यूल सेल परिवहन और बैटरी स्टोरेज परियोजनाओं में भारी निवेश कर भारत की ऊर्जा संप्रभुता को मजबूत किया है।
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