कोलकाता / नई दिल्ली: भारत के सबसे पुराने और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण नदीय पत्तनों में शामिल श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट अथॉरिटी (SMPA), कोलकाता के प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों बड़े सुधारों, सुरक्षा मानकों और ढांचागत परियोजनाओं को लेकर हलचल तेज है।
1. प्रमुख पृष्ठभूमि एवं प्रशासनिक संदर्भ
श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट कोलकाता (पूर्व में कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट) पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर राज्यों तथा पड़ोसी भू-आबद्ध देशों (नेपाल और भूटान) के लिए जीवनरेखा की तरह काम करता है। पोर्ट के अध्यक्ष श्री रथेंद्र रमन (1995-बैच IRTS) एवं उपाध्यक्ष (KDS) श्री सम्राट राही (IRS-IT) के नेतृत्व में पोर्ट प्रबंधन ने परिचालन दक्षता, पारदर्शिता और लॉजिस्टिक्स टर्नअराउंड समय को घटाने के लिए एक त्रि-आयामी रणनीति तैयार की है।
2. मुख्य रणनीतिक निर्णय एवं विकास कार्य
पोर्ट प्रशासन द्वारा लिए गए प्रमुख निर्णयों के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- निवारक सतर्कता एवं डिजिटल ई-गवर्नेंस: 17 अगस्त से 16 नवंबर 2026 तक चलने वाले विशेष सतर्कता अभियान के तहत सभी प्रकार के टेंडरिंग, बर्थ आवंटन, और वेंडर बिलिंग प्रक्रियाओं को शत-प्रतिशत ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया जा रहा है।
- एस्टेट व लैंड लीज प्रबंधन: कोलकाता डॉक सिस्टम (KDS) एवं हल्दिया डॉक कॉम्प्लेक्स (HDC) में स्थित विशाल पोर्ट संपत्तियों के लीज एग्रीमेंट्स की व्यापक समीक्षा और राजस्व संग्रह को सुदृढ़ करने के कदम उठाए गए हैं।
- हुगली नेविगेशन चैनल का आधुनिकीकरण: ज्वारीय नदी के 120 किलोमीटर लंबे चैनल में गहरे ड्राफ्ट के जहाजों को आकर्षित करने के लिए उन्नत बीकन, नाइट नेविगेशन रडार और अत्याधुनिक ड्रेजिंग जहाजों की तैनाती की गई है।
- मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी: नेताजी सुभाष डॉक और हल्दिया से सीधे कंटेनर मालगाड़ियों के संचालन के लिए भारतीय रेलवे के फ्रेट कॉरिडोर से सीधा संपर्क स्थापित किया गया है।
3. पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय की भूमिका
केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय (MoPSW) द्वारा पोर्ट में शीर्ष नेतृत्व को मजबूत करने के लिए उपाध्यक्ष (KDS), वरिष्ठ उप मुख्य लेखा अधिकारी (Sr. Dy. Chief Accounts Officer) और उप मुख्य हाइड्रोलिक इंजीनियर पदों हेतु विशेष भर्ती अभियान चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य पोर्ट के तकनीकी एवं वित्तीय प्रबंधन को अंतरराष्ट्रीय समुद्री मानकों के अनुरूप बनाना है।
4. भविष्य का रोडमैप एवं उद्योग पर प्रभाव
ट्रेड स्टेकहोल्डर्स, सीएफएस ऑपरेटरों और फ्रेट फॉरवर्डर्स ने पोर्ट द्वारा उठाए गए कदमों का स्वागत किया है। अधिकारियों का अनुमान है कि इन ढांचागत सुधारों से आने वाले वित्त वर्ष में एसएमपीए कोलकाता का कुल माल परिवहन (Cargo Throughput) 75 मिलियन टन के पार पहुंच जाएगा, जिससे पूर्वी भारत के औद्योगिक विकास को नया संबल मिलेगा।
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