नई दिल्ली / मुंबई: भारत के विकास की रीढ़ माने जाने वाले सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (Public Sector Undertakings - PSUs) आत्मनिर्भर भारत और 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के निर्माण में अभूतपूर्व निवेश और उत्पादन रिकॉर्ड स्थापित कर रहे हैं।
1. प्रमुख उपलब्धियां एवं सामरिक परियोजनाएं
महारत्न, नवरत्न और मिनीरत्न कंपनियों ने ऊर्जा, बुनियादी ढांचा, रक्षा विनिर्माण और वित्तीय समावेशन में उल्लेखनीय प्रगति की है। वित्तीय सेवा विभाग (DFS) द्वारा मुंबई में आयोजित 'PSB Confluence 2026' में देश के सभी 12 सार्वजनिक बैंकों के शीर्ष नेतृत्व ने डिपॉजिट मोबिलाइजेशन, डिजिटल सिक्योरिटी और इंफ्रास्ट्रक्चर फंडिंग के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है।
2. प्रमुख पीएसयू डेवलपमेंट्स का संक्षिप्त विवरण
- आरईसीपीडीसीएल (RECPDCL): विद्युत मंत्रालय के अधीन आरईसी की सहायक कंपनी ने विजाग पावर ट्रांसमिशन परियोजना एसपीवी को सफल बोलीदाता को हस्तांतरित कर अंतर-राज्यीय पारेषण ग्रिड को मजबूत किया।
- हुडको (HUDCO) - एचएसएमआई: सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) के माध्यम से खरीद प्रक्रियाओं में 100% पारदर्शिता और लागत बचत सुनिश्चित करने के लिए देशव्यापी प्रशिक्षण अभियान चलाया गया।
- एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी (NTPC Green): 10 गीगावॉट के नए सौर-पवन हाइब्रिड पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) साइन कर भारत के 500 गीगावॉट अक्षय ऊर्जा लक्ष्य की दिशा में लंबी छलांग लगाई।
- ओएनजीसी एवं गेल: गहरे समुद्र के केजी बेसिन में नए हाइड्रोकार्बन ब्लॉक की खोज और 1,200 किमी लंबी राष्ट्रीय गैस ग्रिड का विस्तार कार्य तेज गति से जारी है।
3. आर्थिक प्रभाव एवं भविष्य की दिशा
केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों के संयुक्त पूंजीगत व्यय (Capex) ने चालू वित्त वर्ष में निर्धारित लक्ष्यों को पार कर लिया है, जिससे देश के विनिर्माण और रोजगार सृजन को भारी बढ़ावा मिल रहा है।
Comments ()
No comments yet. Be the first to share your thoughts!